सफर की एक झलक: स्यूल खड्ड से गिंडपुर का रास्ता
मेरी जिंदगी का सबसे थकाने वाला सफर
13 KM की अंतहीन पैदल यात्रा
🎒 उम्मीद बनाम हकीकत
जब हम अपने स्थान से प्रस्थान कर रहे थे तब हमें इसका अंदाजा भी नहीं था कि यह यात्रा जीवन की सबसे थकाने वाली और सबसे लंबी होने वाली है। हम सुबह 8 बजे स्यूल खड्ड से गिंडपुर के लिए निकले, यह सोच कर कि रास्ते में कोई गाड़ी या बस मिलेगी तो चढ़ चलेंगे।
परंतु, हकीकत कुछ और थी। यह रास्ता बिना बस या गाड़ी के तय करना था, यह हमें तब ज्ञात हुआ जब हम 5 किमी पैदल चलकर आगे बढ़ने लगे। तब एहसास हुआ कि भाईसाहब, अब हमें इस रास्ते पर कोई सवारी गाड़ी नहीं मिलने वाली।
💧 पानी की तलाश और सुकून
कुछ किलोमीटर चल कर हम बुरी तरह थक गए। गला चीख-चीख कर पानी मांग रहा था। हम एक स्थान पर पानी पीने ठहरे। वहां के लोग बहुत भले थे, उन्होंने तुरंत पानी दिया और जब उन्हें पता चला कि मैं एक ट्रैवेल ब्लॉगर हूँ, तो उन्होंने मुझे काफी सराहा।
आगे चलकर हम अपने एक साथी के सगे-संबंधियों के यहां रुके। वहां थोड़ा सुस्ताया, फोन चार्ज किया और पैरों को ठंडे पानी से धोया ताकि दर्द में थोड़ा आराम मिल सके। वैसे भी, पहाड़ी इलाके में 8 किलोमीटर पैदल चलना, जहां कभी चढ़ाई हो तो कभी ढलान, कोई आसान बात नहीं है।
🌲 घना जंगल और 'Wrong Turn' वाली फीलिंग
मेरे साथी का हाल बेहाल था, पर मंजिल अभी भी 6 किलोमीटर दूर थी। वहां से निकलने के बाद जो रास्ता मिला, वो सड़क नहीं बल्कि एक घना जंगल था। बीच से पगडंडी थी—एक तरफ खाई और दूसरी तरफ जंगल।
रास्ता पत्थरों से भरा था। समझ नहीं आ रहा था कि ये पत्थर आ कहां से रहे हैं क्योंकि आस-पास वैसा पहाड़ था ही नहीं। मस्तिष्क पटल पर डरावने चित्र उभरने लगे थे, लेकिन इसके बावजूद मैं वीडियो बनाता रहा और हिम्मत करके आगे बढ़ता रहा।
🛣️ आखिर वो सड़क मिल ही गयी!
मशक्कत करके जब हम ऊपर पहुंचे, तो एक साफ-सुथरी सड़क दिखाई दी। मेरा मन एकदम से प्रसन्न हो गया, दिल में जैसे गुब्बारे फूटने लगे! मैं उस घने जंगल वाली वादियों से बाहर आ चुका था।
सड़क देखते ही मैं वहीं लेट गया। इतना खुश हो गया कि दोबारा उठने की हिम्मत ही नहीं हुई। वहां गाड़ियां बहुत कम आती थीं, बिल्कुल दिल्ली के विपरीत। मेरे साथी ने कहा, "बस कुछ दूर और है," पर वो 'कुछ दूर' असल में 2-3 किलोमीटर और निकला!
खैर, मैंने मैप चालू किया और बाकी का सफर तय किया।
🎥 पूरा वीडियो और फोटोज़ देखें
फिर क्या हुआ? कितना मज़ा आया और कितनी सज़ा मिली? यह सब जानने के लिए मेरा व्लॉग देखिये!