मुसाफ़िरनामा: हरिद्वार की गलियाँ और वो RAC टिकट
पुरानी यादें, नया सफर
मेरी जिंदगी का हरिद्वार की ओर ये दूसरा रुख था। घाट के दर्शन होते ही सब कुछ स्मरण हो आया, पुराने मार्ग स्वतः ही आँखों के आगे प्रदर्शित होने लगे। अपने हुनर को बाहर लाते हुए तुम्हारे प्यारे भाई ने कैमरा निकाला और फिर शुरू हो गया मुसाफ़िर निज़ाम का मुसाफ़िरनामा।
RAC 23 और जेब में ₹20
टिकट मैंने एक दिन पहले ही काट ली थी और वो RAC 23 था। जब मैं स्टेशन पहुँचा तो टिकट अभी भी RAC 10 पर था। मैंने सोचा, अगर टिकट कन्फर्म नहीं हुआ तो गार्ड के केबिन में बैठ के जाऊंगा, भले ही फाइन कटवाना पड़े।
हर की पौड़ी पर मुसाफ़िरी
बड़े ही शान से कि मैं एक यूट्यूबर हूँ, अपने फ़ोन को लेकर पूरे घाट पर रिकॉर्डिंग करता हुआ घूमता रहा। डर तो था कि कोई फ़ोन लेकर न भाग जाए, मगर मैंने चेहरे पर शिकन नहीं आने दी। जब भीड़ पास से गुजरती तो मैं और जोर से कैमरे में बात करने लगता, ताकि लोग रास्ता दे दें।
बारिश और आखिरी ₹20
आसमान में काले बादल छा गए और मेरी धड़कनें तेज हो गयीं। जैसे ही घाट से बाहर निकला, रिमझिम बारिश शुरू हो गई। अंततः एक बैटरी रिक्शा मिला, उसने स्टेशन के ₹20 मांगे। अब आखिरी ₹20 भी चले गए!
#MusafirNizam #Haridwar #Hitchhiking #TravelVlog #IndiaUnity