शांति स्तूप दिल्ली: जब अचानक पूरी हुई मेरी एक पुरानी ख्वाहिश
इस जगह को मैं पहले देख चुका हूं, हां हालांकि मैं कभी आया नहीं लेकिन मैंने इसके बारे में वीडियो देखा था ऑनलाइन और वह कुणाल मल्होत्रा का वीडियो था, वे एक फोटोग्राफी व्लॉगर हैं। मैं तबसे ही वहां जाने की सोच रहा था परंतु समय का अभाव था।
लेकिन खुशकिस्मती से मैं उसी रास्ते से अक्षरधाम जा रहा था पूरी बस के साथ और मैंने रास्ते में ही स्तूप देखा और मैंने ठान लिया उधर जाने का। अक्षरधाम से लौटते वक्त भूल गया, फिर अचानक से बस रुकी और मैंने बाहर देखा तो सब लोग एक पार्क ढूंढ रहे थे।
"उतने में मुझे शांति स्तूप दिखा और मैं सीधा कूद के बाहर आ गया और मैंने इसी पार्क में जाने की जिद्द कर दी। हम लोग खाना खाने इसी पार्क में बैठे!"
खाने के कुछ एक देर बाद मैं स्तूप के पास पहुंचा और धरा-धर फोटोज़ और वीडियोस शूट करना शुरू कर दिया। अच्छे शॉट्स लेने के बाद मैं थोड़ा थका ही था कि अचानक से पूरी बस वहां आ गई।



मुझे उन सबके फोटोज़ खींचने का मौका मिला, फिर कुछेक देर बाद हम सबने जाने की ठानी और बस में बैठने की ओर बढ़े। अंत में कुछेक देर रुके, वैसे ये जगह शायद से इंद्रप्रस्थ पार्क है जो की अक्षरधाम के रास्ते में पड़ता है।









सचमुच दिल्ली में इतनी अच्छी जगह भी है मुझे यकीन नहीं हो रहा था, वाकई बहुत खुबसूरत! इसकी वीडियो मैं यूट्यूब पे डाल चुका हूं और आप लोग मुसाफिर निज़ाम के नाम से चैनल पर देख सकते हैं। तो मिलते हैं अगले सफ़र में, बने रहिए आपके अपने World's Smallest Traveller के साथ।